18
Aug

ख़्वाब  

Posted by Barfani bAbA

पलकें भी चमक उठती हैं सोते में हमारी

आंखों कों अभी ख़्वाब छुपाने नहीं आते

18
Aug

महक  

Posted by Barfani bAbA

तकिये पे तेरे सर का वो बाल है पड़ा
है चादर में तेरे जिस्म की वो सौंधी सी खुशबु

हाथों में महकता है तेरे चहरे का एहसास
माथे पे तेरे होठों की मोहर लगी है

तू इतनी करीब है की तुझे देखूं तो कैसे
थोड़ी सी अलग हो तो तेरे चहरे को देखूं

18
Aug

दो बदन  

Posted by Barfani bAbA

हमने देखा उन्‍हें
दिन में और रात में
मास्जिदों के मिनारों ने देखा उन्‍हें
मन्दिरों के किवाड़ों ने देखा उन्‍हें
मयकदे की दरारों ने देखा उन्‍हें

18
Aug

खाक हो जायेंगे हम तुम को खबर होने तक !  

Posted by Barfani bAbA

मत पूछ के क्या हाल है, मेरा तेरे पीछे ,
तू देख के क्या रंग , तेरा मेरे आगे !

------------------------------------

अब ख़ुशी है ना कोई गम रुलाने वाला ,
हम ने अपना लिया हर रंग जमाने वाला !